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सूर्यनमस्कार महायज्ञ से स्वामी विवेकानन्द की सार्धशती महोत्सव की शुरुवात

Surya namaskar mahayagya at nagpur branch in 12 janसामूहिक सूर्यनमस्कार महायज्ञ में सहभागी हुए २१०५ विद्यार्थी

 

"मुझे चाहिए लोहे की मांसपेशियां और फौलाद के स्नायु | ऐसा ह्रदय जो समुद्र को भी लाँघ जाने का साहस रखता हो |" - स्वामी विवेकानन्द के इस सन्देश ने न जाने कितने करोड़ युवाओं को बलोपासना की प्रेरणा दी ! आत्मबोध, आत्मबल और इसके साथ ही विनम्रता के महान आदर्श  से मनुष्य के व्यक्तित्व को निखारने वाला योग जीवन पद्धति का श्रेष्ठ आयाम अर्थात " सूर्यनमस्कार" |
स्वामी विवेकानन्द को वीरता की आदरांजलि अर्पित करने के दृढ संकल्प लिए नागपुर के महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं ने नगर के ३० विद्यालयों में संपर्क किया |  स्कूली विद्यार्थियों को सामूहिक सूर्यनमस्कार के माध्यम से एकत्रित करना | सबके मन में स्वामी विवेकानन्द  द्वारा  बताये गए  "संगठन और वीरतायुक्त जीवन" के सन्देश को बालकों के मन में  स्थापित करना आवश्यक था | इसके लिए २०० विद्यालयीन छात्र-छात्राओं का "अग्रेसर प्रशिक्षण शिविर" लिया गया तथा इन्हीं बालकों के माध्यम से अन्य विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया | विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी, शाखा-नागपुर की ओर से आयोजित इस उपक्रम में नागपुर के २० विद्यालय के २१०५ विद्यार्थी सम्मिलित हुए | जिनमें अरुण राव कलोड़े हाईस्कूल, पंडित बच्छराज व्यास विद्यालय, सी.डी. स्कूल, सुभाष नगर तथा कटोल रोड, प्रहार विद्यालय, केशवनगर हाईस्कूल, वनिता विकास विद्यालय, महाराष्ट्र हाईस्कूल, ललिता पब्लिक स्कूल, राजे रघुजी नगर विद्यालय, नीरी मॉडर्न हाईस्कूल, कुर्वेज न्यू मॉडल स्कूल, उज्जवल विद्यालय, शारदा महिला विद्यालय, सोमलवार निकालस विद्यालय, भारती कृष्ण विद्या विहार, बी. आर. ए. मुंडले हाईस्कूल, भाऊसाहेब  सुर्वे हाईस्कूल तथा साऊथ पॉइंट हाईस्कूल सहभागी हुए | संजूबा स्कूल तथा सिन्धी हिंदी हाईस्कूल के कुछ विद्यार्थी स्वयं प्रेरणा से इस महायज्ञ में सम्मिलित हुए |Surya namaskar mahayagya at nagpur branch in 12 janइस कार्यक्रम में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के
कुलपति डॉ. श्री विलासजी सपकाल मुख्य अतिथि तथा शिक्षक विधायक श्री नागो
गाणारजी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे |  इस अवसर पर नागरिक शिक्षण
संस्था के अध्यक्ष श्री रमेशजी दुरगकर तथा ईश्वर देशमुख शारीरिक शिक्षण
महाविद्यालय के प्राचार्य मुख्य रूप से उपस्थित थे |  कार्यक्रम की शुरुवात
तीन ओमकार तथा प्रार्थना से हुई, तत्पश्चात "चन्दन है इस देश की माटी" इस
गीत का सामूहिक गायन हुआ |  सूर्यनमस्कार महायज्ञ आयोजन समिति के संरक्षक
डॉ. विलासजी डांगरे ने कार्यक्रम की प्रस्तावना दी, शाखा नागपुर की नगर
प्रमुख सौ. गौरीताई खेर ने अतिथियों का परिचय दिया | मुख्य अतिथियों का
स्वागत, शंखनाद और उसके पश्चात् सामूहिक सूर्यनमस्कार का प्रदर्शन किया गया
| मुख्य अतिथि, विशेष अतिथि तथा विवेकानन्द केंद्र की जीवनव्रती
कार्यकर्ता तथा विदर्भ विभाग संगठक सुश्री प्रियंवदा पांडे ने अपने विचार
प्रकट किये | नागपुर के नगर संचालक ने अंत में आभार व्यक्त किया |
सूर्यनमस्कार महायज्ञ  में सम्मिलित सभी विद्यालयों को स्मृति चिन्ह तथा
सभी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया |

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