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युवा अपने सामर्थ को पहचानें

जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति श्री आर.पी. सिंह ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद का पूरा जीवन और चिंतन सकारात्मक एवं आत्मविश्वास से परिपूर्ण था। श्री सिंह ने युवाओं से आव्हान् किया कि वे भी स्वामीजी की तरह अपने सामर्थ को पहचानें, तभी भारत की तस्वीर बदलेगी।   

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की जोधपुर साखा द्वारा शहर के सभी महाविद्यालयों में 11 सितम्बर को विश्व बंधुत्व दिवस पर आयोजित की जाने वाली ‘‘उठो ! जागो ! युवा प्रेरणा प्रतियोगिता-2016" के पोस्टर का आज विमोचन करते हुए श्री सिंह ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा यदि युवा दिशाहीन होगा तो उसका नुक्सान न केवल स्वयं युवाओं बल्कि देश को भी होगा। निराशा और कुंठाएं व्यक्ति को दिशाहीन करती हैं, ऐसे युवाओं के लिए स्वामी विवेकानंद का जीवन एक आदर्श जीवन कहा जा सकता है। स्वामी विवेकानंद उन महापुरूषों में से एक हैं, जिन्होंने भारत को एक नई दिशा दी। उनके सिद्धांत और विचार आज भी प्रासंगिक हैं। प्रतियोगिता के आयोजन को प्रशंसनीय बताते हुए श्री सिंह ने विवेकानन्द केन्द्र के आयोजकों को बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्दजी की एक प्रतिमा जल्दी ही विश्वविद्यालय के नए परिसर में स्थापित की जाएगी।

कुलपति निवास पर विमोचन समारोह में विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी की जोधपुर शाखा के नगर संचालक श्री महेन्द्र लोढ़ा, प्रांत व्यवस्था प्रमुख श्री चन्द्रप्रकाश अरोड़ा, नगर प्रमुख श्री प्रेमरतन प्रजापति और सर्वश्री विपुल कुमार दास, डा. अमित व्यास, कृष्ण कन्हैया बोराना, आलोक पांडे, सुशील लुहार, नैमीचन्द बारूपाल, रमेश ठाकुर के साथ जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष सुश्री प्रियंका ढांका, पूर्व उपाध्यक्ष डा0 अर्चना भगासरा एवं छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष डा. विनोद भगासरा भी उपस्थित थे।