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Personality Development Camp : Mandsaur

pdc-Mandsore स्वामी विवेकानन्द में जिज्ञासा तथा तर्कशक्ति बहुत थी इसी कारण वे श्रेष्ठ ऊंचाई तक पहुंचे। आज बच्चों और युवा पीढ़ी को स्वामी विवेकानन्द की तरह ही जिज्ञासु तथा तर्क शक्ति विकसित करनी होगी। अपने संकल्प और लक्ष्य स्पष्ट रखे, नकारात्मक विचार न लायें इससे सफलता संदिग्ध हो जाती है। इस आशय का मार्गदर्शन मंदसौर के दिगम्बर कन्या हाईस्कूल में चल रहे कैरियर गाइडेन्स तथा व्यक्तित्व विकास शिविर में मंदसौर जिला लोक अभियोजन अधिकारी एवं विद्वान श्री कैलाश व्यास ने प्रदान किया।

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा मंदसौर एवं स्वामी विवेकानन्द सार्धशती समारोह समिति के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे पांच दिवसीय शिविर में किशोर आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं को संबोधित करते हुए जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री व्यास ने कहा कि तरूणाई का वेग स्वयं को, परिवार तथा समाज को संभालना, सहेजना और सही दिशा प्रदान करने का होना चाहिये अन्यथा चट प्रचण्ड बन कर तटबंध तोड़ सकती है। हमारा देश युवा शक्ति बन कर उभर रहा है इस शक्ति को स्वामी विवेकानन्द के विचारों, संदेशों के माध्यम से सृजनात्मक विकास में बदला जा सकता है। श्री व्यास ने बच्चों से कहा कि उनके साथ कुछ भी अनुचित, अमानवीय, अभद्र होता है तो संकोच न करे प्रतिरोध करे, इसकी सूचना और शिकायत माता-पिता, अभिभावक, पुलिस से करे। पुलिस आपकी मदद के लिये है। आपने न्यायालय के कई निर्णयों की सरल व्याख्या करते हुए बच्चों को समझाया। अनिवार्य शिक्षा, मौलिक अधिकार, बिना लायसेंस वाहन न चलाने जैसी समझाईश भी दी। आपने बच्चों से संवेदनशील बनकर अच्छे विचारों को अपनाने, दूसरों की मदद करने, साहस और संकल्प से कार्य करने का आव्हान किया।

इसके पूर्व श्री व्यास एवं आदित्य धनोतिया ने दीप प्रज्वलित कर सत्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सहायक लोक अभियोजक नीतेश कृष्णन, सुखराम गरवाल, सुनील परमार, रमेश डामर, नरेन्द्रसिंह सिपानी, ज्योति यजुर्वेदी, शंभुसेन राठौर, साधना सेठी, प्रीती अजमेरा, रामप्रसाद धनगर, नरेन्द्र कुमार, प्रमोद वर्मा, श्रीपाल मालवीय, श्वेता गंगवाल, दीपेश भागवत, सुनील पहाडि़या सहित बड़ी संख्या में बच्चों, अभिभावक एवं गणमान्य जन उपस्थित थे। शिविर के सत्र का संचालन डाॅ. घनश्याम बटवाल ने किया। अतिथियों को श्रीफल एवं विवेकानन्द साहित्य शिक्षाविद् श्री एम.एल. गुप्ता एवं श्री राजेश मेड़तवाल ने भेंट किये। आभार माना विवेकानन्द केन्द्र मार्गदर्शक श्री नरेन्द्रसिंह सिपानी ने। सत्र समापन पर प्रोजेक्टर के माध्यम से ओलम्पिक खेल विजेता खिलाडि़यों की झलक डाक्युमेन्ट्री प्रदर्शित की गई जिसे सभी ने सराहा। यह जानकारी स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह समिति प्रचार प्रमुख पत्रकार श्री प्रहलाद शर्मा ने दी।