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स्वामी विवेकानन्द की 150वीं जयन्ती के उपलक्ष में नगर में विशाल शोभयात्रा एवं विराट आम सभा

डीडवाना 12.01.2013 स्वामी विवेकानन्द की 150वीं जयन्ती के उपलक्ष में नगर में विशाल शोभयात्रा एवं विराट आम सभा का आयोजन किया गया। जानकारी देते हुए समिति के सदस्य एवं युवा आयाम के नगर संयोजक महेश टाक ने बताया कि, इस अवसर पर मध्यान्ह 12.30 बजे स्थानीय श्री अग्रसेन भवन से बाजे-गाजे के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई।

डीडवाना 12.01.2013 स्वामी विवेकानन्द की 150वीं जयन्ती के उपलक्ष में नगर में विशाल शोभयात्रा एवं विराट आम सभा का आयोजन किया गया। जानकारी देते हुए समिति के सदस्य एवं युवा आयाम के नगर संयोजक महेश टाक ने बताया कि, इस अवसर पर मध्यान्ह 12.30 बजे स्थानीय श्री अग्रसेन भवन से बाजे-गाजे के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इसमें वाहन रैली, मंगल कलश यात्रा सहित स्थानीय विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं एवं नगर के गणमान्य नागरिकों ने अपनी सहभागिता की। इस शोभायात्रा में विशेष रूप से सजाई गई छांकिया एवं बैनर तथा स्वामी विवेकानन्द के सन्देशों से सम्बन्धित पोस्टर एवं तख्तियां भी सम्मिलित थी। शोभायात्रा में सम्मिलित छात्र-छात्राओं ने जोशीले एवं राष्ट्र भक्ति से ओत-प्रोत गीतों एवं नारों से नगर के बाजारों को गुंजायमान कर दिया। शोभा यात्रा अग्रसेन भवन से आरम्भ होकर शहर के मुख्य मार्गों एवं बाजारों से होती हुई समरोह स्थल स्थानीय मिर्धा स्टेडियम पंहुची। शोभा यात्रा का मार्ग में जगह-जगह शहरवासियों द्वारा पुष्प वर्षा के माध्यम से स्वागत किया गया। मिर्धा स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानन्द के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित एवं पुष्पार्चन द्वारा किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला संघ चालक नारायण प्रसाद टाक, स्वामी विवेकानन्द सार्धशती समारोह के जिला संयोजक बुद्धाराम गरवा, सह संयोजक डा. सोहन चैधरी, तहसील संयोजक मनरूपाराम पलसानियां एवं नगर संयोजक शंकर लाल परसावत व नगर संघ चालक एडवोकेट ओम प्रकाश मोठ मंच पर मंचासीन थे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में बच्छराज भार्गव द्वारा सामूहिक गीत ‘‘देश हमें देता है सबकुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें’’ प्रस्तुत किया।

इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम अतिथियों का स्वागत एवं उद्बोधन नगर सह संयोजक रमेश कुमार गौड़ द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला सह संयोजक डा. सोहन चैधरी ने स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह के विविध आयामों क्रमशः युवा आयाम, संवर्धनी आयाम, ग्रामायण आयाम, अस्मिता आयाम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला संयोजक बुद्धाराम गरवा ने आगामी वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने की बात कही। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए रामाकिशन खीचड़ ने अपने जोशीले उद्बोधन से स्वामी विवेकानन्द की शिक्षाओं एवं देश के युवाओं के लिए उनके द्वारा दिये गये प्रेरणादायी मार्गदर्शन एवं शिक्षाओं को अपने जीवन में अंगीकार करने की बात कही। अभिषेक शर्मा ने जोशीली कविता एवं उद्बोधन से देश की युवाशक्ति को स्वामी विवेकानन्द की शिक्षाओं के माध्यम से देश एवं समाज की भलाई के लिए सतत प्रयासरत रहने पर बल दिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं जिला संघ चालक नारायण प्रसाद टाक ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मात्र 39वर्ष की आयु में अप्रतिम प्रतिभा के धनी स्वामी विवेकानन्द ने देश एवं समाज की वह सेवा की जो कि युगान्तरकारी सिद्ध हुई। उन्होंने बताया कि प्रिय दर्शन एवं तेजस्वी प्रतिभाशाली शौर्य-वीर्य सम्पन्न पराक्रम के धनी स्वामी विवेकानन्द ने भारतमाता की प्रतिष्ठा को सम्पूर्ण विश्व में एक अलग पहचान देकर समस्त विश्व के नर-नारियों को भारत की वैदिक सभ्यता एवं संस्कृति के उच्चादर्शों से अनुप्राणित होकर विश्वमंगल की भावना को सम्पूर्ण विश्व में आलोकित किया। उन्होंने उपस्थित समस्त जन समुदाय से स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को अपने जीवन में उतार कर समाज एवं राष्ट्र के नवनिर्माण के पुनीत यज्ञ में सहभागी बनने  का आह्वान किया।नगर संयोजक शंकरलाल परसावत ने अपने उद्बोधन में नगर में आयोजित होने वाले आगामी वर्ष भर के विविध कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करते हुए बढ-चढ कर समस्त आयोजनों में सहभागिता करने का आह्वान किया। अंत में नगर संघ चालक ऐडवाकेट ओम प्रकाश मोठ ने समस्त जनसमुदाय का आभार ज्ञापित किया।  इस अवसर पर मंच संचालन महेश टाक एवं रमेश गौड़ ने किया।

कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिक गणों के साथ उद्योगपति ओम प्रकाश मोदी, पूर्व पालिका अध्यक्ष सुरेश चन्द्र वर्मा, बृज मोहन शास्त्री, महावीर प्रसाद औझा, राजेन्द्र पटवारी, राजेन्द्र दाधीच, कैलाश सोलंकी, विनोद सैन, भुवनेश कुमार शर्मा, रामावतार सर्राफ, परशुराम वर्मा, रामेश्वर जांगिड़, मदनलाल चैहान, गोपीकिशन प्रजापति, लालचन्द ध्यावाला, अंशुमान मोठ, बनवारी मोठ, कमल मोठ, गजेन्द्र गौड़, अरूण न्यावड़ा, द्वारका प्रसाद मल्लावत, आनन्दीलाल लाहोटी सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।