
विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा जयपुर एवं एस एस जैन सुबोध पी जी महाविद्यालय के द्वारा स्वामी विवेकानन्दजी के जन्म जयन्ती १४९ वी के वर्ष पर्व पर ’’एक विषाल युवा षक्ति जागरण’’ सम्मेलन सुबोध पीजी महाविद्यालय में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजेन्द्र जी भाणावत ने स्वामी विवेकानन्द की प्रासांगिकता को बताते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द एक ऐसे युवा संन्यासी थे जिन्होंने अपने मोक्ष के

लिए नहीं अपितु भारत देश के लिए ध्यान किया लेकिन बड़े दुःख की बात है कि अखबारो ने स्वामी विवेकानन्द के विचारों व फोटो को बहुत कम स्थान दिया। इसी के साथ ही मुख्य वक्ता श्री भरतराम जी कुम्हार ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द एक ऐसे देशभक्त थे जिन्होंने विदेश में जाकर भारतीय संस्कृति विरासत व
परम्पराओं को दुनिया के सम्मुख रखा। जिससे भारत ने विष्व के अग्रणी देषों में स्थान प्राप्त कर लिया तथा भारत को जगत गुरू के रूप में प्रतिष्ठित किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री विनोद लोढा ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द एक अध्यात्मिक पुरूष के साथ ही देशभक्त संन्यासी थे। ३९ वर्ष की आयु में अपने कार्य से सम्पूर्ण भारत तथा विष्व को हिला दिया। केन्द्र के नगर संचालक न्यायमूर्ति श्री सुरेन्द्र नाथ भार्गव ने सारे अतिथियों का स्वागत किया तथा सुबोध पी जी महाविद्यालय में प्राचार्य डा के बी शर्माने सारे अतिथियों का अभिवादन किया साथ ही नगर प्रमुख श्री एन एल शर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य श्री राजेष्वर जी के द्वारा हुआ। कार्यक्रम में शहर के गणमान्यजन एवं परिष्कार कालेज संयज टी टी कालेज महिला पोलीटेक्नीक कालेज महाराजा कालेज एवं सुबोध कालेज, के ३५० छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर सफल बनाया।